पर्सनालिटी डेवलपमेंट कैसे करें? Personality Development tips in Hindi





दोस्तों पर्सनालिटी डेवलपमेंट के बारे में पहले सुना ही होगा। आज के इस पोस्ट में हम डिसकस करेंगें कि पर्सनालिटी डेवलपमेंट किसे कहते हैं, पर्सनालिटी डेवलपमेंट कैसे करें? Personality Development tips in Hindi.

दोस्तों इससे पिछले पोस्ट में मैंने आपको बताया था कि :

पर्सनालिटी डेवलपमेंट किसे कहते है( Personality Development in Hindi):

जब आप खुद को वर्तमान स्थिति से बेहतर देखना चाहते हैं, और उसके लिए खुद का सटीक रूप से  विश्लेषण कर अपने अवगुणों को ख़तम करके कामयाबी की ओर बढ़ते हैं। तब उसे हम पर्सनालिटी डेवलपमेंट कहते हैं।

पर्सनालिटी डेवलपमेंट कैसे करें (Personality Development tips in Hindi):

पर्सनालिटी डेवलपमेंट के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह हैं की आप खुद का विश्लेषण करे, खुद के विश्लेषण कहने का तात्पर्य यह हैं की आपको अपने अंदर के गुण तथा अवगुणों का पता होना आवश्यक हैं। तभी आप अपने पर्सनालिटी को और भी अच्छा कर पाएंगे।

पर्सनालिटी को डेवलपमेंट करने के लिए आपको अपने रोजमर्रा की जन्दिगी में कुछ खास आदतों को शामिल करना जरुरी हैं जिससे आपके जिंदिगी में धीरे-धीरे बदलाव आने शुरू होंगे।

आइये अब यह जानते हैं की पर्सनालिटी डेवलपमेंट कैसे करें, पर्सनालिटी डेवलपमेंट करने के लिए आपको क्या-क्या करना आवश्यक हैं।

सुबह जल्द उठने की आदत का होना:





आप सोच रहे होंगे की पर्सनालिटी डेवलपमेंट का सुबह जल्द उठने से क्या संपर्क हो सकता हैं ? पर्सनालिटी डेवलपमेंट के लिए आवश्यक हैं की आप एक अच्छी नींद के बाद जल्द उठे तथा अपने दिन की शुरुवात व्यायाम से करे जिससे आप स्वस्थ तो रहेंगे ही साथ ही साथ एक अनुशासित जिंदगी व्यतीत करेंगे।

योजना बनाना:

दिन की शुरुवात होते ही आपको अपने पुरे दिनचर्या में क्या-क्या करना हैं उसकी योजना बनांने की आवश्यकता हैं। साथ ही साथ योजना के अनुसार काम करने से आप सभी कार्य को समय के अनुसार तथा व्यवस्थित तरीके से सभी काम को आसानी से अच्छी तरह कर पाएंगे।

सफलता की कहानियों को पढ़ना:

पर्सनालिटी डेवलपमेंट करने का एक सरल उपाय यह भी हैं की आप रोज किसी व्यक्ति की सफलता की कहानियों को पढ़े जिससे आपको प्रत्येक दिन कुछ नया सिखने को मिलेगा तथा आगे बढ़ने की नयी प्रेरणा भी मिलेगी।

असफलताओं से नहीं डरना:





आप आगे तभी जायेंगे जब अब असफल होंगे इसलिए असफलता हाथ लगने पर डरे नहीं,कोशिश करे की अपने असफलताओं से कुछ सीखे और आगे बढ़ते रहे। जिंदिगी में असफल होना गलत नहीं हैं लेकिन अपनी गलतियों से कुछ नहीं सीखना आपकी सबसे बड़ी गलती होगी।

तुलनात्मक प्रवर्ति के नहीं होना:

खुद की तुलना दूसरों से बिलकुल न करे क्योकि हर एक व्यक्ति के अंदर अलग-अलग कुछ खास गुण मौजूद होते हैं जिसमें प्रत्येक व्यक्ति अपने जगह सर्वश्रेष्ठ हैं। उदहारण के तौर पर कोई अच्छा गाना गा सकता हैं तो कोई खेलकूद में अच्छा इसलिए यहाँ दूसरों से खुद की तुलना करने पर आप खुद को प्रेरणाहीन महसूस करेंगे जो आपके अंदर आत्मसम्मान को काम कर देगा।

खुश रहना:





खुश रहने से यहाँ तात्पर्य यह हैं की आप जब भी किसी से बात करे चाहे आपकी बातचीत छोटी ही क्यों न हो कोशिश करे की आपके चेहरे पर ख़ुशी हो। ऐसा करना इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योकि अगर आप खुश होकर किसी से बात करेंगे तो सामने वाले व्यक्ति को भी अच्छा महसूस होगा और आपसे और भी लोग बात करने की कोशिश करेंगे।

खुश सिर्फ लोगों के लिए ही नहीं खुद के लिए भी रहे जिससे आप किसी भी कार्य को अच्छी तरह कर पाएंगे और खुद को आगे ले जाने के लिए यह महत्वपूर्ण हैं।

क्रोध कम करना:

जरुरत से ज्यादा सिर्फ क्रोध करना यह गलत हैं,जो व्यक्ति बहुत ज्यादा क्रोध करते हैं कोशिश करे की कम से कम क्रोध करे।क्योकि क्रोध किसी भी परिस्थिति को सुलझाने का सही तरीका नहीं हैं, क्रोध से आप अपने कार्य को अच्छी तरह करने में असमर्थ रहते हैं। तथा आपके आस पास का वातावरण भी नकरात्मक को जाता हैं इसलिए अपने क्रोध पर नियंत्रण रखे यह आपको विकास की ओर ले जायेगा।

समय को महत्व देना:





पर्सनालिटी डेवलपमेंट के लिए यह महत्वपूर्ण हैं की आप समय के महत्व को समझे ।सभी कार्य को समय के साथ करे,कार्य क्षेत्र में कम समय में अच्छा काम करने की कोशिश करे। जो लोग समय के महत्व को बेहतरीन तरीके से समझते हैं वे व्यक्ति बहुत सफल बनते हैं।

उदहारण के तौर पर आप अजीम प्रेमजी,मुकेश अम्बानी को आप ले सकते हैं। जिन लोगों के लिए समय काफी महत्वपूर्ण हैं और आज वे काफी सफल व्यक्ति हैं।

तनाव में संयम बनाये रखे:

खुद को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक हैं की आप तनाव की स्थिति में भी खुद पर संयम बनाये रखे तथा उस परिस्थिति को अच्छी तरह सुलझाने की कोशिश करे। परिस्थियाँ हर वक़्त आपके अनुकूल नहीं चलेगी तो कोशिश यह करे की परिस्थितियों के अनुसार ही खुद को ढलने की हमेशा कोशिश करे।

नयी बातों को सीखना:

पर्सनालिटी डेवलपमेंट के लिए यह आवश्यक हैं की हर एक दिन आप कुछ नया सीखे ।अगर आप अन्य लोगों के साथ उठते बैठते हैं तो कोशिश करे की अन्य लोगों की अच्छी आदतों को आप सीखे इससे आप पहले से बेहतर बन पाएंगे तथा अपने अंदर कुछ नया देख सकेंगे।

खुद को स्वस्थ रखना:





पर्सनालिटी डेवलपमेंट करने का मतलब नहीं होता की आप सिर्फ कार्य ही करे,इसके लिए महत्वपूर्ण यह भी हैं की आप एक स्वस्थ जिंदगी व्यतीत करे इसके लिए जरुरी हैं की आप अपने रोजमर्रा की जिंदिगी में अच्छे खान-पान को शामिल करे तथा बाहर के खान- पान से बचे जिससे आप हमेशा स्वस्थ रहेंगे।

प्रेरणाहीन महसूस न करना:

अगर किसी परिस्थिति में आपको प्रेरणाहीन महसूस होती हैं तो आप उस समय कोशिश करे की आप कुछ ऐसा कार्य करे जिससे आपके अंदर फिर से एक नयी ऊर्जा आ सके और आप उत्साहित हो सके।

उदहारण के तौर पर प्रेरणाहीन महसूस करने पर आप सकरात्मक लोगों के बीच रहे या फिर सफल व्यक्तियों की कहानियों को पढ़े जिससे आप उत्साहित होने के साथ साथ अपने अंदर ऊर्जा महसूस करेंगे।

मापदंड करना:





मापदंड कहने के तात्पर्य यह हैं की वर्ष के अंत में आप देखे की अपने वर्तमान वर्ष में आपने क्या क्या उपलब्धिया हासिल की हैं यह करना इसलिए आवश्यक हैं क्योकि इसके आधार पर ही आप आने वाले वर्ष के लिए अपने लक्ष्य का निर्धारण करेंगे ।

पर्सनालिटी डेवलपमेंट के लिए इन सभी खास बातों को ध्यान देना जरुरी हैं जिससे आप खुद को एक दिन वर्तमान स्थिति से बेहतर पाएंगे।

दोस्तों आज के इस पोस्ट में हमने जाना कि डेवलपमेंट किसे कहते हैं, पर्सनालिटी डेवलपमेंट कैसे करें? Personality Development tips in Hindi.

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