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GDP और GNP क्या है?

GDP और GNP क्या है?

दोस्तों अगर हमें किसी भी देश को समझना है तो इसके लिये ज़रूरी है कि हम उसकी Economy को समझें। जब हम Economy की बात कर ही रहे हैं तो GDP और GNP तो आता ही है, तो आज हम यही जानेंगे की GDP और GNP क्या है?

देश की Economy से ही आप ये भी पता कर सकते हैं कि किसी भी देश ने कितना Develop किया है।

Developed और Developing countries के विकास के स्तर को मापने का काम किसी भी देश की Economy का ही होता है। इसी को हैं सभी आम भाषा में अर्थव्यवस्था के नाम से जानते हैं। इसी के आधार पर ही यह तय किया जाता है कि हमारे देश की जो अर्थव्यवस्था है वो Growth कर रही है या फिर नीचे की ओर गिर रही है।

अब दोस्तों अर्थव्यवस्था के बारे में पता करना कोई बच्चों का खेल तो है नहीं। यहां किसी आदमी या किसी कंपनी की बात तो हो नहीं रही है। यहां एक देश की बात हो रही है।

देश की अर्थव्यवस्था या देश की आर्थिक स्थिति का पता करने के लिए काफी सारे Economists ने काफी सारे नियम बनाए हैं। जिज़ नियमों के आधार पर आप किसी भी देश की अर्थव्यवस्था के बारे में जान सकते हैं। इन नियमों में शामिल एक अंग GDP भी है।

GDP से देश की आर्थिक हालत को समझने में आसानी होती है। इसी के साथ ही एक और अंग अर्थव्यवस्था की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है और वो है GNP, इसके अंदर वो सभी घरेलू Products आते हैं जिन्हें घरेलू व्यवसाय के द्वारा ही निर्मित किया जाता है। इसके तहत इन्हीं घरेलू उत्पादों की गणना भी की जाती है।

एक और Term आता है जिससे देश की अर्थव्यवस्था का पता लगाया जाता है। ये Term है NNP, इसके अंतर्गत देश के नागरिकों के द्वारा उत्पादित सेवाओं और माल की गणना की जाती है। ये सभी बहुत ज़रूरी है Economy को जानने के लिए।

यहां अभी बहुत से लोग मौजूद हैं जिन्हें इन चीज़ों के बारे में नहीं पता है। दोस्तों जब आपको इन्हीं के बारे में नहीं पता है तो आप किसी भी देश की अर्थव्यवस्था को कैसे समझ सकते हैं। इसीलिए घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है।

आज इस Article में हम आपको इन्हीं सब चीज़ों के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं। इसके बाद आपको Economy को समझने में दिक्कत नहीं होगी।

इस Article में आज हम आप सभी को बताएंगे कि GDP, GNP और NNP क्या होते हैं और इनका किसी भी अर्थव्यवस्था में क्या रोल होता है। चलिए फिर बिना देर किये इनके बारे में जानना शुरू करते हैं।

क्या होता है GDP?

GDP को इसीलिए इस्तेमाल किया जाता है ताकि देश की आर्थिक स्तिथि को समझा जा सके। ये किसी भी देश में उपभोक्ता वस्तुओं और सेवाओं का Market price होता है। इससे आप किसी भी देश के Total production का पता लगा सकते हैं। एक तरह से आप ये भी कह सकते हैं कि इससे अच्छा कोई और तरीका है ही नहीं किसी भी देश की Economy को जानने का। इसी के अंतर्गत इसकी गणना की जाती है कि किसी भी देश मे एक साल में कितना Production हुआ और साथ साथ देश मे सेवाओं का कितना उपभोग किया गया। वैसे तो GDP को Yearly basis पर मापा जाता है मगर इसकी गणना तिमाही आधार पर भी की जा सकती है।

ये तो हम सभी जानते हैं कि India में GST को लागू कर दिया गया है जिसके चलते अब Tax कार्यान्वयन के मामले में एकीकृत Market का निर्माण हो पाएगा। इसी के चलते अब राज्यों में वस्तुओं और सेवाओं का जो भी लेन देन है वो भी निर्बाध हो जाएगा। यहां इस बात को लिखने का हमारा सीधा सीधा मतलब ये है कि इससे देश की GDP में असर देखने को मिलेगा और GDP को काफी फायदा होगा।

दोस्तों सबसे पहले GDP का इस्तेमाल अमेरिका के एक Economist साइमन ने किया था। सर्वप्रथम इसका इस्तेमाल 1935 से 1944 के बीच किया गया था। अगर स्थानीय भाषा या हिंदी में इसको जानने की कोशिश करें तो हिंदी में इसे सकल घरेलू उत्पाद कहा जाता है।

GDP का अर्थ ये है कि Market में किसी भी उत्पादित वस्तु और सेवा का Market में कितना मूल्य है। जब उस वस्तु का Market में अधिक Price हो जाएगा तो देश के अंदर Foreign currency ज्यादा आएगी। इसी से देश का Development बढ़ेगा। वहीं अगर देश मे उत्पादित होने वाली वस्तु और सेवा का Price कम होता है तो इससे ये समझा जा सकता है कि देश की आर्थिक स्तिथि ठीक नहीं है। अगर बात India की करें तो यहां पर इसका इस्तेमाल उत्पादन के घटने या बढ़ने के Average के आधार पर किया जाता है।

GDP की Full form – GDP की Full form “Gross domestic product” होती है।

GDP per capita क्या होती है? – ये दोस्तों मध्य वर्ष की आबादी द्वारा विभाजित होती है। इस Growth की गणना स्थानीय मुद्रा में निरंतर मूल्य GDP data से की जाती है।

दोस्तों जो GDP होती है वो इस बात पर ध्यान केंद्रित करती है कि जो Production है वो कहां पर हो रहा है। न कि ये इस बात पर ध्यान केंद्रित करती है कि Production हो कहां पर रहा है।

इससे सभी घरेलू उत्पादों का Calculation किया जाता है। इसमें ये Matter नहीं करता है कि उत्पादन इकाई की Nationality क्या होनी चाहिए। इसमें सभी सार्वजनिक तथा  निजी खपत के साथ व्यापार और Investment के विदेशी संतुलन भी शामिल होते हैं।

GDP को कैसे Calculate करते हैं?

इसको Calculate करने के लिए इस Formulae को अपनाया जाता है।

GDP = C + I + G + (X – M) 

यहां पर C से तात्पर्य है Consumption, G से मतलब है Gross domestic, I से Gross investment, G से Government spending, X से मतलब है Import से और M से मतलब है Export से। चलिए अब इसमें इस्तेमाल होने वाली चीजों को एक एक करके समझने की कोशिश करते हैं।

◆ Consumption – सबसे पहले Consumption की बात करते हैं। इसमें सभी घरेलू खर्च शामिल होते हैं जो घरेलू खर्च उपभोग में लगते हैं। जैसे Hospital में, भोजन में, Rent आदि में।

Gross investment ये वो Investment होता है जो उपभोक्ता वस्तुओं और सेवाओं पर किया जाता है। घरेलू सीमा के अंदर रहते हुए ही ये माल और सेवा पर सभी संस्थान द्वारा किए गए खर्च का Calculation करता है।

Government spending इसके अंतर्गत सभी सरकारी कर्मचारी आते हैं और जितने भी सरकारी काम होते हैं वो सभी इसी में शामिल हैं।

◆ Imports – इसमें वो सब जोड़ा जाता है जो हम दूसरे देशों से Import करते हैं। इसके बाद इसको ही GDP में जोड़ दिया जाता है।

◆ Export – इसमें वो सभी वस्तुएं और सेवाएं शामिल होती हैं जो आयात की गई होती हैं। GDP की गणना करते समय Export को घटाया भी जाता है।

GNP क्या होता है?

GDP के बारे में तो अब आप सभी ने जान ही लिया है। चलिए अब जानते हैं कि आखिर किसी भी Economy में GNP का क्या मतलब होता है। ये देश के निवासियों व व्यवसायों द्वारा तैयार की गई सेवाओं व वस्तुओं का Price होता है। इसके द्वारा घरेलू व्यवसाय में जो भी उत्पाद निर्मित होते हैं, उन्हीं के Price की गणना की जाती है।

दोस्तों GNP को हम GDP के माध्यम से ही मापते हैं। अगर GDP में से हम उस आय को हटा दें जो हमने दूसरे देशों से Import करने में लगाया है और उस आय को जोड़ दें जो हमने दूसरे देशों को Export किया है तो हमारे पास GNP आ जाता है।।इसका मतलब ये हुआ कि हम उस उत्पादन की आय हटा दें जो निर्मित तो अपने ही देश मे हुआ है मगर उपलब्ध अन्य देशों के लिए है और उस आय को जोड़ दें जो उत्पाद हमारे देश में निर्मित नहीं हुआ है मगर अन्य देशों द्वारा उपलब्ध हमारे लिए ही है।

इसमें आप उस आय की गणना नहीं कर सकते हैं जो विदेशी व्यवसायों या विदेशी निवासियों के द्वारा कमाई गयी होती है। आम भाषा में GNP को सकल राष्ट्रीय उत्पाद के नाम से भी जाना जाता है।

एक तरह से ये भी कह सकते हैं कि इसमें देश के नागरिकों की देश के अंदर और बाहर की Income को शामिल किया जाता है। लेकिन इसमें किसी भी विदेशी नागरिक या फिर कंपनी की Income को नहीं शामिल किया जाता है।

GNP की Full form – GNP की Full form “Gross national product” होती है।

GNP per capita क्या होती है? – किसी भी वस्तु और सेवा का एक वर्ष के अंतिम उत्पादन का Dollar price होता है। ये किसी भी आबादी से विभाजित किया हुआ होता है।

GNP को कैसे Calculate करते हैं?

इसको GDP की मदद से Calculate किया जाता है। निम्न तरीके से आप इसको माप सकते हैं –

GNP (Y) = C + I + G + X + Z

यहां पर C से मतलब है Consumption से, I से मतलब है Investment से, G से मतलब है Government spending से, यहां पर X का मतलब है Import – Export से और Z का मतलब है विदेशी निवेश से घरेलू निवासियों द्वारा अर्जित शुद्ध आय – घरेलू निवेश से विदेशी निवासियों द्वारा अर्जित शुद्ध आय से।

चलिए अब GDP और GNP में क्या अंतर है, एक नज़र इस पर भी डाल लेते हैं।

GDP और GNP में अंतर क्या है?

GDP और GNP में जो मुख्य अंतर हैं वो निम्न है  –

  1. GDP देश की भौगोलिक सीमाओं के भीतर उत्पादित सभी सेवाओं और वस्तुओं का मौद्रिक Price होता है। वहीं अगर बात करें GNP की तो GNP वो Price होता है जो नागरिकों के द्वारा बनाई गई वस्तु और सेवाओं पर लगाया जाता है फिर चाहे वो कहीं भी रहे, ये Matter नहीं करता है।
  2. GDP के अंतर्गत देश की सीमा के भीतर जो उत्पादन होता है उसका मापन किया जाता है। वहीं GNP के अंदर देश के निवासियों के स्वामित्व वाले उद्योगों और कम्पनियों के Production को मापा जाता है।
  3. अगर बात करें GDP की तो इसकी गणना का आधार स्थान है और वहीं दूसरी तरफ GNP की गणना का आधार Nationality है।
  4. GDP के द्वारा घरेलू उत्पाद को मापा जाता है। वहीं GNP के द्वारा देश के व्यक्तियों (जिसका मतलब नागरिक से है), और निगमों द्वारा उत्पादन को मापा जाता है।
  5. किसी भी देश की घरेलू Economy की जो ताकत होती है वो GDP ही होती है। वहीं GNP से ये पता चलता है किस तरह से जो देश के नागरिक हैं वो GDP में अपना योगदान दे रहे हैं।

NNP क्या होता है?

Economy को समझने के लिए ज़रूरी है कि आप NNP को भी जानें, अगर आप इसको नहीं जानेंगे तो आपको देश की अर्थव्यवस्था को समझने में थोड़ी सी मुश्किल हो सकती है। इसीलिए अब हम आप सभी को बताने जा रहे हैं NNP के बारे में।

NNP उसे कहा जाता है जो GNP से लागत के मूल्य में होने वाले मूल्यह्रास से हटाने के बाद Remain रह जाता है। इसको हम ऐसे भी समझ सकते हैं जैसे कि कोई भारतीय कंपनी अपने Business को Foreign में करती है तो उसमें एक Finance year में जितनी लागत के मूल्य में कमी आती है, उसी कमी को अगर GNP से घटा दिया जाता है तो वही जो Price होता है वो NNP कहलाता है। इसी NNP को आम भाषा मे शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद कह दिया जाता है।

चलिए हम इसको आप सभी को एक Example से समझाने की कोशिश करते हैं। मान के चलिए कि कोई मशीन है और उसका जो Price है वो 5000 रुपये है। फिर एक साल बाद इसका जो Price है वो बस 4000 ही रुपये रह जाता है। तो इसका मतलब ये हुआ कि जो GNP है उसमें 1000 रुपये की कमी आ जाएगी। अगर इसमें भी किसी भी तरह का Profit मिल जाता है तो उसे NNP के नाम से जाना जाता है।

NNP की Full form – NNP की Full form Net national product होती है।

National income क्या होती है? 

एक वर्ष के दौरान उत्पादित अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का जो Total price होता है किसी भी Economy में उसी को National income के नाम से जाना जाता है। जो NNP होता है उसी को National income भी कह दिया जाता है। इससे आप किसी भी देश की Income को पता कर सकते हैं। यदि आप किसी भी देश की जनसंख्या से NNP को भाग देते हैं तो आपको उस देश की प्रति व्यक्ति आय के बारे में पता चल जाता है। 

आप सभी की जानकारी के लिए हम आपको बता दें कि देश की जो National income होती है उसकी गणना सांख्यिकीय संगठन (CSO) के द्वारा की जाती है।

अब बात करते हैं CSO की। CSO की स्थापना 1951 में 2 मई को हुई थी। CSO का जो Headquarter है वो नई दिल्ली में स्थित है। जो CSO होता है यानी केंद्रीय सांख्यिकीय संगठन, ये सांख्यिकी Department के अंतर्गत काम करता है। नियमित रूप से इस संगठन का कार्य होता है National income के आंकड़ों को प्रदर्शित करना।

अगर बात की जाए India की तो India में सबसे पहले National income और प्रति व्यक्ति आय की गणना करने का जो पहला प्रयास किया गया था वो 1867 से 1888 के बीच किया गया था और ये पहला प्रयास दादाभाई नौरोजी के द्वारा किया गया था। उनके हिसाब से 1868 मे प्रति व्यक्ति जो आय थी वो लगभग 20 रुपये/वार्षिक थी।

NNP को कैसे Calculate करते हैं?

इसको आप निम्न तरीके से Calculate कर सकते हैं –

NNP = Market Value of Finished Goods + Market Value of Finished Services – Depreciation

इसके अलावा अगर आप चाहें तो इसको दूसरी तरह से भी Find out कर सकते हैं –

NNP = Gross National Product – Depreciation

चलिए अब GDP, GNP और NNP में क्या अंतर है उसको देख लेते हैं।

GDP, GNP और NNP में क्या अंतर है?

इन सभी में जो अंतर देखने को मिलते हैं वो निम्न हैं –

  1. GDP के द्वारा घरेलू उत्पाद को मापा जाता है। वहीं GNP के द्वारा देश के व्यक्तियों (जिसका मतलब नागरिक से है), और निगमों द्वारा उत्पादन को मापा जाता है।
  2. GNP के अंतर्गत जो Income देश या विदेश से प्राप्त होती है उसे जोड़ा जाता है और NNP के अंतर्गत लगने वाली जो लागत होती है उसमें आई कमी को घटा दिया जाता है।
  3. GDP में इससे फर्क नहीं पड़ता कि Nationality क्या है, चाहे कोई भी Nationality हो ये घरेलू उत्पादन का मापन करने का काम करता है। वहीं GNP किसी भी एक क्षेत्र की Nationality के द्वारा जो उतपन्न Output होता है उसका मापन करता है।
  4. GNP और GDP दोनों ही किसी भी Economy के राष्ट्रीय उत्पादन और Income को दर्शाते हैं।

दोस्तों तो ये थी GDP और GNP से जुड़ी सारी जानकारी। अब तो आप सब समझ ही गए होंगे कि ये दोनों क्या हैं।

दोस्तों Economy को जानने के लिए आपको इनके बारे में पता ही होना चाहिए। अगर आप किसी भी देश की GDP के बारे में नहीं जाएंगे तो इसका मतलब ये है कि आपको उसकी Economy का भी पता नहीं चल सकता है। इसीलिए आप GDP तथा GNP को अच्छे से जान लें।

अगर इनके बारे में आपको पता होगा तो फिर आपको अर्थव्यवस्था भी बहुत ही अच्छे से समझ आ जाएगी। वहीं एक बात और कि जिस देश की GDP जितनी ज्यादा होगी, वो देश आर्थिक रूप से उतना ही मजबूत होगा, जिस देश की GDP जितनी कम होगी, वो देश आर्थिक रूप से उतना ही कमज़ोर होगा।

उम्मीद है कि आपको हमारे द्वारा बताई गई सारी बातें समझ में आ गई होंगी।

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