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Mutual fund कितने प्रकार के होते हैं?

दोस्तों Future plannig को ध्यान में रखते हुए हर कोई पैसे को Invest करता है। लोग पैसों को इसलिए Invest करते हैं ताकि आने वाले समय मे उन्हें उस Amount पर अच्छा ब्याज मिल सके। इस Article में हम जानेंगे – Mutual fund कितने प्रकार के होते हैं?

आज तो Market में Invest करने के बहुत सारे तरीके मौजूद हैं। आप चाहें तो Bank में अपने पैसे रख सकते हैं या फिर कोई Fixed deposit करवा सकते हैं।

दोस्तों इन सबमें आपको मन चाहा ब्याज नहीं मिलता है। ऐसे में यही लगता है कि Invest भी करो और फायदा भी न मिले तो बेहतर है कि Investment करो ही न।

आजकल Investment का एक एयर तरीका है जो काफी Popular है। हम बात कर रहे हैं Mutual funds की।

हां माना कि ये काफी Risky होता है मगर अगर आप इसमें पैसे Invest करते हैं तो आपको Bank से कहीं ज्यादा अच्छा ब्याज यहां पर मिल जाता है।

काफी लोग अब Risk लेकर इसमें पैसे लगाते हैं। ऐसा नही है कि इसमें हरदम नुकसान ही होता है। बस ये थोड़ा Share market से जुड़ा हुआ है इसीलिए लोगों को ये बहुत ज्यादा ही Risky लगता है।

ऐसा इसलिए क्योंकि Share market का खेल समझना आसान नहीं है। कब कौन से Stock में गिरावट आ जाए और कब किसमें उछाल ये अनुमान नहीं लगाया जा सकता है।

खैर इसकी सबसे अच्छी बात  दोस्तों ये है कि अगर आपके पास ज्यादा पैसे नहीं भी है न तब भी कोई दिक्कत नहीं है।

आप इसमें 500 जैसी छोटी सी रकम के साथ भी शुभारंभ कर सकते हैं। इसके बाद आपको काफी बेहतर Returns मिलते हैं।

दोस्तों आज हम आपसे Mutual fund के बारे में ही बात करने जा रहे हैं। ये कितने प्रकार के होते हैं आज हम आपको ये बताएंगे। जब आप इनके Types के बारे में जान जाएंगे तब आपके लिए Invest करना काफी आसान हो जाएगा। आइये फिर देखते हैं।

Mutual fund होता क्या है?

Mutual funds के Types को जानने से पहले हमें Mutual fund को जानना होगा। यहां बहुत से ऐसे लोग हैं जिन्हें इसके बारे में अभी ठीक से पता नहीं है।

आइए हम आपको बताते हैं कि ये क्या होते हैं –

असल में दोस्तों, जब छोटे और बड़े Investors आपस में मिलकर एक साथ कहीं Invest करते हैं तो उसी को हम लोग Mutual fund कह देते हैं।

अब हम लोग बात करते हैं Share market की। Share market में बहुत से लोग पैसे Invest करना चाहते हैं, मगर सबके पास Sufficient amount नहीं होता कि वो Share market में Invest कर सकें।

ऐसे लोग जिनके पास काफी पैसा होता है वो लोग अपना पैसा या कह लीजिए एक बड़ी रकम को Share market में लगा देते हैं और पैसे कमा लेते हैं।

इसके अलावा Share market में 500 जैसी छोटी रकम की कोई कीमत नहीं होती है।

ऐसे में बहुत सी ऐसी छोटी छोटी कम्पनियां होती हैं जो पहले कुछ लोगों से पैसे लेती हैं और उसके बाद उस पैसे को वो कम्पनियां Share market में लगा देती है।

फिर Share market से जो ब्याज मिलता है कम्पनियां उसको Investors को दे देती है। इसी को हम लोग Mutual fund कह देते हैं।

Mutual funds के Types;-

दोस्तों इनको मुख्यतः 2 भागों में बांटा गया है। पहले तो इन्हें Structure के आधार पर बांटा गया है और दूसरा इन्हें Asset के अनुसार बांटा गया है।

आइये दोनों को थोड़ा Detail में देखते हैं –

1. Structure के आधार पर Mutual funds; –

अगर बात करें Structure की तो इनके आधार पर भी इन्हें कुछ Parts में Divide किया जाता है जो कि निम्न हैं –

◆ Open ended schemes – Open ended schemes में लगभग हर Type के Mutual funds आ जाते हैं।

आप इस तरह की Schemes में कभी भी Sale और Buy कर सकते हैं। Open ended schemes में जो कम्पनियां होती हैं वो बिना किसी Limit के अपने Investors को Unit जारी कर देती हैं।

◆ Close ended schemes – जिस तरह से Open endeके लगभग सारे ही Funds आ जाते हैं, उसी तरह से इसमें बहुत ही कम Funds आते हैं।

इसमें कंपनी के द्वारा जारी की जाने वाली Units भी Limited ही होती हैं। ये Open ended से एकदम Opposite है।

आप इसमें जन चाहें तब Buy और Sale नहीं कर सकते हैं। इस Scheme में अगर आप Sale करना चाहते हैं तो आपको Maturity तक का इंतज़ार करना पड़ता है।

इसकी Liquidity कक होती है जिसकी वजह से ये Scheme ज्यादा Popular भी नहीं है।

◆ Index funds – Stock market के Index में जो Funds invest किया जाता है उसी को Index fund कहते हैं। जैसे कि निफ्टी, BSE, NSE आदि में Funds को लगाना।

इसका Expense ratio काफी कम होता है। क्योंकि इसमें Fund manager को कोई खास रणनीति नहीं Plan करनी होती है।

जितना Return index में दिया जाता है उतना ही Investor return बनाता है। जिस समय Index कम Value पर होता है वो सही समय होता है इसमें Invest करने का। नहीं तो Index fund में Growth के Chances कम हो जाते हैं।

◆ Sector funds – ये एक तरह से Index fund की तरह ही काम करते हैं। इनमें और Index fund में बस इतना ही अंतर होता है कि Sector fund में किसी विशेष Sector में ऐसे Stock पर Invest किया जाता है जो बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे होते हैं।

Sectors में हम बात कर रहे हैं Banking sector, फार्मा Sector आदि की।

2. Asset के आधार पर Mutual funds; –

जो भी इस तरह के Mutual funds होते हैं उनमें एक या एक से ज्यादा प्रकार के Asset में ही Invest किया जाता है।

अब इनके आधार पर भी हम Funds को निम्न Parts में Divide करते हैं –

◆ Debts fund – इस तरह के Mutual fund में आपको एक निश्चित Income return के रूप में मिलती है।

आप इसमें Commercial पेपर, ट्रेजरी बिल,Corporate bonds और अन्य कई मनी Market instrument आदि में Invest करते हैं।

आपको इन सभी मे एक निश्चित ब्याज दर दी जाती है। इसमें ब्याज दर निश्चित होता है इसीलिए इसको Fixed income securities के नाम से भी जाना जाता है।

इनमें Risk कम होता है और उसी तरह से Return भी कम होता है।

◆ Liquid funds – ये Debt fund का ही एक प्रकार है, ये समझ लीजिए। जैसा कि इनके नाम से ही पता चल रहा है कि आप इन्हें कभी भी Redeem कर सकते हैं।

इसमें आप जैसे ही Apply करते हैं उसके 24 घण्टे के अंदर ही पैसा आपके Bank account में आ जाता है।

अगर आप चाहें तो कम से कम आप इनमें 3 दिन के लिए भी Investment कर सकते हैं। इसमें आप जिस तरह की Securities में Invest करते हैं उनका Maturity period 91 दिनों तक का होता है।

अगर बात करें Returns की तो ये सबसे कम Returns देते हैं मगर हां ये काफी सुरक्षित हैं। Bank FD और Savings account का Liquid funds सबसे बेहतरीन Option है।

◆ Equity funds – इसमें पहली चीज़ Risk बहुत ज्यादा है। वैसे ही इसमें Return भी ज्यादा मिलता है।

ज्यादा Return कक चाहत में ही लोग इसमें Invest करना पसंद करते हैं। ये सबसे ज्यादा Popular भी है।

Fund manager इस तरह के Funds में लगभग सारा Investment Stock market में ही करते हैं। Equity funds को आगे और भी Schemes में बांटा जाता है।

आइये उन पर भी एक नज़र डाल लेते हैं –

  1. Large cap fund/ Bluechip fund- यहां पर जो शब्द Cap यानी Capital इस्तेमाल हुआ है उसका मतलब होता है Market capitalization अर्थात उस कम्पनी का Value या फिर Size

Large cap fund की कुछ विशेषताएं होती है जैसे की भरोसेमंद, प्रतिष्ठित एवं उस Sector की सबसे अग्रणी कम्पनी।

इसमें पैसे को बड़े बाज़ार वाली कम्पनी में Invest किया जाता है। इस तरह के Mutual funds में कम्पनी को पहले से ही अपनी Growth मिल चुकी होती है जिसकी वजह से Returns काफी कम मिलते हैं मगर दोस्तों Returns की Continuity इसमें ज्यादा होती है।

Small और Mid cap की तुलना में इसमें Risk काफी कम होता है। ऐसे बहुत से लोग हैं जो Risk लेने से बचना चाहते हैं तो ऐसे में ये Scheme उन लोगों के लिए बेहतर साबित हो सकती है। भारत मे कई सारी Large cap कम्पनियां हैं जैसे Reliance, britannia आदि।

  1. Mid cap fund – Mid cap वाली कम्पनियों में जब Investment किया जाता है तब इसी को Mid cap fund कहा जाता है। इस तरह की कम्पनियां मध्यम श्रेणी के Market में Listed होती है। ये ऐसी कम्पनियां होती हैं जिन्होंने खुद को स्थापित तो कर लिया होता है मगर आगे Growth की कोशिश में लगी रहती हैं। इनमें आपको Large cap funds की तुलना में अधिक Returns भी मिलते हैं। ऐसे लोग जो Moderate risk taker होते हैं उनके लिए इस तरह के Funds में Invest करना बेहतर होगा।

 

  1. Small cap fund – Small cap वाली कम्पनियों में Invest करने को Small cap fund कहा जाता है। ये ऐसी कम्पनियां होती हैं जो नए बिजनेस को लेकर Market में स्थिरता प्राप्त करने की कोशिश करती हैं। इनमें Risk high होता है। जिस तरह से इसमें Risk high होता है उसी तरह से इसमें Returns भी ज्यादा ही मिलता है। साथ ही ये सबसे ज्यादा परिवर्तनशील Scheme भी है। जिन लोगों को Risk से खेलने की आदत है वो लोग इस Scheme में Invest कर सकते हैं।

 

  1. Multi cap fund – Mutual fund का मतलब तो हम सभी जानते हैं। कुछ वैसे ही Multi cap काम करता है। Multi cap में Large cap, mid cap तथा Small cap में एक निश्चित Ratio में Invest किया जाता है। अगर बात करें इसमें Risk की तो इसका Risk level moderate है। ये बहुत ज्यादा Popular भी है।

 

  1. Flexi cap fund – Multi cap fund की तरह ही ये भी काम करती है। इसके नाम से ही इसके काम का पता चल रहा है। Funds को चुनने के लिए ये Flexible और स्वतंत्र होती है। इस तरह के Mutual funds में जो 65 प्रतिशत हिस्सा होता है वो Equity या फिर Equity oriented fund में रहता है। इसमें आप इस 65 प्रतिशत में से ही Large cap, mid cap तथा Small cap में Invest करते हैं। Multi cap की तरह इसमें किसी भी प्रकार के Fixed allocation का कोई नियम नहीं है।

 

  1. ELSS mutual fund – इसका मतलब है Equity linked saving scheme, ये Equity में ही Invest करने वाली Scheme होती है। Tax savings की वजह से कुछ दिनों से ये Scheme काफी Popular हो रही है। ये Equity oriented होती है। इसमें अगर आप पैसों को Invest करते हैं तो उन पर 3 साल का Lock in हो जाता है। इसमें आपको डेढ़ लाख तक की छूट मिल जाती है।

 

Hybrid funds – Equity और Debts दोनों ही Schemes में पैसा लगाने को Hybrid funds कहा जाता है।

हर Hybrid में Debt और Equity दोनों का हिस्सा अलग अलग होता है। इनका मकसद होता है अपने Investors को एक Regular income देना।

ये एक Balance portfolio बनाकर काम करते हैं। Hybrid fund Debt funds से ज्यादा Risky होते हैं और वहीं Equity funds से कम Risky होते हैं।

इन्हें भी अलग अलग Category में बांटा गया है जो कि निम्न हैं-

  1. Equity oriented hybrid fund – इसमें लगभग 65 प्रतिशत जो हिस्सा होता है वो Equity fund में लगाया जाता है बाकी का Debts में लगाया जाता है।
  2. Debt oriented hybrid fund – इसमें लगभग 65 प्रतिशत हिस्सा Debts fund में और बचा हुआ हिस्सा Equity fund में लगाया जाता है।
  3. Balanced fund – इसमें आप अलग अलग प्रकार के Assets class में Invest करते हैं।
  4. Monthly income plans – इसमें Equity में बहुत कम हिस्सा Invest किया जाता है वहीं Debts में लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा तक Invest किया जाता है। इसमें Risk level काफी कम होता है। इसी के साथ ही ये Pure debt scheme से अच्छा Return भी देते हैं।
  5. Arbitrage fund – इसमें ये होता है कि किसी एक Market में जिसमें Stock value कम होती है वहां से उसे खरीदा जाता है फिर उसे ज्यादा Stock value वाले Market में बेच दिया जाता है। ये Funds इसी तरह से Income को Generate करते हैं।

दोस्तों तो ये थे Mutual funds के कुछ प्रकार। आजकल इन सभी प्रकार के Funds में लोग Invest कर रहे हैं।

बस आपको ये समझ होनी चाहिए कि कौन सा प्रकार आपके लिए बेहतर रहेगा। अपना Risk level देखकर और पैसे देखकर ही आप किस भी Fund में Invest करें।

ज्यादा Return की चाह में Invest न करें। नहीं तो फायदे की जगह आपको भारी नुकसान भी हो सकता है। वैसे भी Mutual funds तो Risk से भरा हुआ है ही। इसीलिए सोच समझकर किसी भी चीज में आप पैसों को Invest करें।

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