UPS क्या होता है?

UPS क्या होता है?

दोस्तों क्या आपने कभी भी Life बिना Computer और मोबाइल के Imagine की है? अगर की है तो आपको सोचकर ही घबराहट हुई होगी कि कैसे आप इसके बिना रह सकते हैं।

आजकल ये आप सबके लिए खाने से ज्यादा जरूरी हो गया है। मोबाइल तो था ही ज़रूरी मगर अब Technology के इस दौर में हम Computers को पीछे नहीं छोड़ सकते हैं।

Computers आज के समय मे सभी को चलाना आना ही चाहिए, इस बात से आप सब सहमत होंगे, है न? जिसको भी आज के समय मे Computer की जानकारी नहीं है समझ लीजिए कि वो आज के जमाने से काफी पीछे है।

इन चीज़ों ने हमारी Life को आसान बनाने का काम किया है। अब जब बात हम Computer की कर ही रहे हैं तो ऐसा ही ही नहीं सकता कि हम UPS की बात न करें।

UPS के बारे में यहां बहुत से लोग शायद जानते भी हो मगर ऐसा ज़रूरी नहीं है कि हर कोई इससे वाकिफ हो।

दोस्तों कभी कभी क्या होता है कि आप अपने Computer system पर काम कर रहे होते हैं और अचानक से Power supply बन्द हो जाती है। इस स्तिथि में आपको बड़ी दिक्कत हो जाती है।

सबसे बड़ी बात ये है कि आपका काम ठप हो जाता है, उसके बाद कभी कभार ये भी दिक्कत आ जाती है कि अचानक से System off होने से आपका Data भी उड़ जाता है। अब ये तो वाकई में एक बड़ी समस्या है।

ऐसे में आप हरदम सोचते होंगे कि क्या ऐसी समस्या से निपटारा नहीं पाया जा सकता है? या फिर ऐसा कोई Device नहीं है जो Inverter के तौर पर काम करे? जैसे अगर घर मे Light चली भी जाती है तो Inverter उसकी पूर्ति कर देता है।

पहले हम Inverter को Charge करते हैं और उसके बाद जब Power cut हो जाती है तो वो Charged inverter हमारी बहुत मदद करता है।

कुछ इसी तरह से आप UPS भी काम करता है। जिन लोगों को Power supply बन्द हो जाने पे Data उड़ने की दिक्कत थी और काम बंद होने की समस्या थी, खास उन्हीं लोगो के लिए ही UPS को बनाया गया है।

इसका इस्तेमाल करने पर आपको Power supply बंद हो जाने के बाद भी Power की Supply मिलती रहती है।

आखिर ये कैसे काम करता है और असल मे है क्या इसको जानना तो बहुत ज़रूरी है न। चलिये फिर जानते हैं हम सब इसके बारे में।

 

UPS क्या होता है?

सबसे पहले हम इसकी Full form को जान लेते हैं। इसकी Full form uninterruptible power supply है। अब इसके नाम से ही आप समझ सकते हैं कि ये आखिर है क्या। यानी कि ये बिना किसी Interruption के आपके Computer system को Power देने का काम करता है।

जब आपके Computer system को Power supply नहीं मिल पाती है तब यही आपके System को Power supply करता है।

इससे आपका काम नहीं रुकता है तथा अचानक से Computer भी बंद नहीं होता, जिससे Data corrupt की समस्या भी नहीं आती है।

UPS को एक Alternating power source के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। इसमें बहुत सारे Electrical parts तो जुड़े ही होते हैं। इसके साथ ही इसमें Battery भी जोड़ी जाती है। 

दोस्तों ऐसे बहुत से Appliances हैं जिन्हें Power की ज़रूरत होती है जैसे TV, fridge, cooler आदि। मगर इनको Power cut होने पर ज्यादा दिक्कत नहीं आती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इन्हें Continuous power supply की ज़रूरत नहीं होती है।

आपके Computer system को Continuous power supply चाहिए होती है। अगर गलती से भी Power cut हो जाती है या फिर आप अचानक से System को बिना Shut down किए ही Off कर देते हैं तो आपका Data loss हो जाता है।

ऐसे में UPS ही है जो आपके System को Continuous power देने में मदद करता है। इससे UPS को फर्क नहीं पड़ता है कि Main supply on है या फिर Off है।

UPS की Main source battery होती है। UPS कितना Backup आपके System को दे पाएगा ये हमेशा उसमें इस्तेमाल की गई Battery के Type और Quality पर निर्भर करता है। अगर आमतौर पर देखें तो UPS rectangular और freestanding style के होते हैं।

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UPS की ज़रूरत क्यों होती है?

सबके मन मे ये सवाल सबसे पहले आता है कि जब हमारा Computer बिना किसी UPS वगेरह के आराम से चल रहा है तो दिक्कत क्या है? आखिर क्यों ले हम UPS? क्या है इसकी जरूरत? 

दोस्तों माना कि अभी आप बिना दिक्कत के Computer इस्तेमाल कर रहे हैं मगर जब बार बार आपके System को Power supply मिलने में दिक्कत होती रहेगी तो निश्चित ही एक दिन आपका Data उड़ जाएगा।

आप जानते होंगें कभी कभी अचानक से बन्द हो जाने की वजह से Computer की Windows भी उड़ जाती है। इन्हीं सब समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए आपको UPS की ज़रूरत पड़ती है। 

ये तो हम सभी जानते हैं कि Technology ने कितना ज्यादा Electronic field में Development किया है। जैसे जैसे वक़्त बीतता जा रहा है वैसे वैसे ही Computers में भी Changes देखने को मिल रहे हैं।

पहले तो इतने बड़े Computer होते थे कि एक कमरे के बराबर होते थे। अब तो तरह तरह के Computers भी है Personal computers, super computers, data processors आदि।

आजकल सभी Devices को बिना किसी रुकावट के Power की ज़रूरत होती है। Corrupted power supply को लेकर ये सारे Device बहुत ज्यादा ही Sensitive होते क्योंकि ये Data handle करने के लिए Processors और Memory का इस्तेमाल करते हैं। 

ऐसे में जब कभी अचानक से इन्हें Power supply मिलने में दिक्कत हो जाती है और ये बंद हो जाते हैं तो आपका Data तो गायब हो ही जाता है।

साथ ही आपका Operating system भी Corrupt हो जाता है। इसके बाद आप बस रोते रह जाते हैं। इसीलिए अगर आप रोना नहीं चाहते हैं तो आपको UPS लगवाना ही पड़ेगा। ये Load को Continue power देता रहेगा। 

 

UPS के महत्वपूर्ण Parts;-

ये काफी चीज़ो से मिलकर बना होता है जिनका अलग अलग Function होता है। सबसे मुख्य इनमें Battery है। इसके अलावा भी कुछ महत्वपूर्ण Part हैं जो इसको पूरा करते हैं।

आइये देखते हैं इसके कुछ Parts को-

Battery –

यही तो होती है आपके UPS की जान। आमतौर पर Batteries का इस्तेमाल Energy को Store करने के लिए किया जाता है। जब कभी आपका Main power source आपके System तक Power supply करने में नाकामयाब होता है तब यही Battery आपकी मदद करती है।

इन Battery में दोस्तों Lead और Acid का इस्तेमाल किया जाता है और ये हरदम Reaction करते ही रहते हैं।

एक बात और जो ध्यान देने वाली है वो ये है कि किसी भी Battery को आप Lifetime के लिए इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। उन्हें समय समय पर बदलना पड़ता ही है।

इसकी Battery को भी आपको 4 से 6 सालों के बीच मे बदलना पड़ता है। इसके अलावा आपको Battery का ध्यान भी रखना पड़ता है।

इसमें समय समय पर आपको Distilled water डालना पड़ता है जिससे Battery सूखे न। क्योंकि अगर Battery सुख जाती है तो Reaction नहीं हो पाता है।

Static bypass –

ये Online UPS में एक तरह से First line of defense की तरह काम करता है। जब भी कभी UPS system failure होता है तब ये Static bypass automatic circuit को बंद करने का काम करता है।

इसके बाद जो भी Power होती है ये उसको Inverter, battery तथा Rectifiers की तरफ Divert करने का काम करता है।

ये Conditioned power न होने के बावजूद भी आपके System को ठीक तरह से Perform करने के लिए सहायता प्रदान करता है। 

Rectifier –

ये तो हम सभी Class 10 से पढ़ते आ रहे हैं कि Rectifier का काम होता है AC को DC में Convert करना। इसका इस्तेमाल मुख्यतः Battery को Charge करने के लिए किया जाता है। Load की जैसी जरूरत रहेगी उसी के ऊपर इसका Output भी निर्भर करेगा। 

वैसे Rectifier के 2 मुख्य कार्य होते हैं। पहला तो ये कि ये Battery को Charge करता है। इससे Battery हमेशा Float voltage में रहती है। दूसरा ये कि इन Rectifiers का इस्तेमाल Incoming AC को DC में Convert करने के लिए किया जाता है। 

Inverter –

ये UPS system का काफी महत्वपूर्ण Part है। Inverter ठीक Rectifiers के उल्टे काम करते हैं। ये DC को AC में Convert करते हैं।

इनका काम होता है DC buss से D/C को Accept करना और फिर उसको Battery तथा Rectifiers तक पहुंचाना। इसका जो Output होता है वो Sine wave होता है।

ये Inverter किसी भी DC को Constant frequency और Amplitude में बदल देता है। Power failure के समय Rectifier D/C buss को Current नहीं दे पाता है।

इसमें Battery ही पूरे System को Power supply करने का काम करती हैं। ये तब तक D/C buss को Power supply करती रहती है जब तक कि वो Deplete नहीं हो जाए। 

 

क्यों होती है Main power supply की दिक्कत?

ऐसी समस्या खड़ी होने के भी कुछ मुख्य कारण है जो कि निम्न हैं-

Voltage surges – कभी कभी क्या होता है कि हम किसी Heavy load को Power supply से Connect कर देते हैं। ऐसे में Voltage में Variations होना तो लाज़मी ही है।

इसीलिए कुछ समय के लिए System का Voltage भी Increase और decrease होता है। इसी को Voltage surge कहा जाता है।

Frequency variation – जब Load में Instantaneously variation होता है तो इससे Supply की Frequency में भी Variation होता है। यही Data को नुकसान पहुंचाने का काम करता है। 

Noise – जब किसी भी Alternating sine wave में बहुत ही कम समय के लिए Distortion आता है तो उसी को Noise कहा जाता है। ये Data और Appliance दोनों को नुकसान पहुंचाती है।

Transient impulses – कोई भी Alternative supply में जो Original sine wave होती है वो बड़ी आसानी से Disturb हो जाती है।

यही कारण है कि Amplitude में Fluctuation देखने को मिलता है। इसी Disturbances को Transient impulse कहा जाता है। 

जब Amplitude में Instant decrement होता है तब उसे Notch कहते हैं वहीं जब उसमें Instant increment होता है तो उसे Spike कहा जाता है है।

Voltage fluctuation – Voltage में उतार चढ़ाव हमेशा ही होता रहता है। हमारे घर की Voltage को ही ले लीजिए वो 210 Volt से लेकर 240 Volt तक Fluctuate होती है।

Voltage में जितना ज्यादा Fluctuation होगा उतना ही आपके Appliance को नुकसान होगा।

Brown outs – Planned power cut अगर किसी भी Power overloading की वजह से होते हैं तो उन्हें Brown outs कहा जाता है।

Black outs – अगर Main supply में किसी भी वज़ह से Instant failure दिखाई पड़ता है तो इसे ही Black outs कहा जाता है।

 

UPS के Types;-

दोस्तों अब हम  आपको इनके Types के बारे में बताएंगे-

Standby UPS –

ये सबसे ज्यादा इस्तेमाल होते हैं। ये बहुत ही Common type के UPS हैं। इन्हीं को हम अपने Personal computers में इस्तेमाल करते हैं।

Filtered AC input को Primary power source के हिसाब से चुनने के लिए इसमें Transfer switch को Set किया गया है।

जब कभी Main supply fail हो जाती है तब ये Inverter या Battery को Switch कर देते हैं। 

Line interactive UPS –

इसमें होता कुछ यूं है कि जब Input की AC power normal होती है तब ये Inverter को Reverse order में Operate करने लगता है जिससे कि वो Charge हो सके।

जब Input power fail होती है तो Transfer switch जो होता है वो Open हो जाता है। इसके बाद ही Power battery से UPS output की तरफ Flow करने लगती है।

इस UPS में Inverter हमेशा Output के साथ Connected रहता है और On भी रहता है।

इसका इस्तेमाल Small business, web तथा Departmental servers में किया जाता है।

Standby on line hybrid UPS –

इन्हें आप On line UPS के नाम से भी जानते हैं। इन्हें 10 KVA के नीचे ही इस्तेमाल किया जाता है। जैसे Standby में Battery charger छोटा होता है उसी तरह से इसमें भी होता है। 

 

UPS के फायदे क्या है? 

इसके फायदे तो आप सब खुद भी समझ ही गए होंगे। आइये फिर भी इसके फायदों पर एक नज़र डाल ही लेते हैं।

◆ अचानक से जब कभी Power supply बंद होती है तो Computer system बंद हो जाता है। ऐसे में Data के Corrupt होने का खतरा हमेशा बना रहता है।

अगर आप UPS का इस्तेमाल करते हैं तो अचानक से आपका Computer system नहीं बंद होता है। इसके साथ ही आपका Data भी Safe रहता है।

◆ किसी भी UPS system में Electrical device के रुक जाने से Data safe रहता है।

◆ इसकी Basic unit battery होती है ये तो आप सब जान ही चुके हैं। इसीलिए ये आपको एक अच्छा Backup दे सकती है। जो आपको बिना रुके काम करने में मदद करती है।

◆ जब Computer system को Power नहीं मिल पाती है। तब ये उसे Power देता है और Running position में लेकर आता है। ये एक Alternating power source के तौर पर काम करता है।

UPS के नुकसान क्या है?

अब ऐसा तो है नहीं कि इसका कोई नुकसान न हो। अगर फायदा है तो कुछ न कुछ नुकसान भी होगा ही। आइये देखते हैं कि इससे नुकसान क्या है-

◆ जैसा कि हमने बताया कि इसमें Battery का इस्तेमाल किया जाता है। आपको हमेशा Battery को Charge रखना पड़ता है।

आप चाहे जितना भी Battery charge कर लें ये आपको उतना बेहतरीन Power backup नहीं दे पाती है।

◆ कोई भी Battery lifetime के लिए तो होती नहीं है। इसीलिए आपको बार बार Battery को बदलना पड़ता है। 

 

दोस्तों तो ये थी UPS से जुड़ी जानकारी। किसी भी Computer system को बिना रुके Run कराने के लिए आपको इसकी जरूरत पड़ ही जाती है।

अगर आप UPS को नहीं लगाना चाहते हैं तो आपको सावधान रहना होगा क्योंकि आपके Data loss होने का संकट हमेशा आपके ऊपर मंडराता रहेगा।

इसके साथ ही जो लोग UPS इस्तेमाल कर भी रहे हैं उन्हें भी थोड़ा सावधान रहने की ज़रूरत है क्योंकि कई बार आप अनजाने में System को बिना Shut down किये ही Plug out कर देते हैं। इससे भी आपका Data या Operating system corrupt हो सकता है। इसीलिए खुद भी सावधान रहें।

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