पैसे कहा निवेश करें – Top 8 Investment Options

आजकल के समय में लोग पैसा तो कमा रहे है लेकिन आज लोग कंफ्यूज है कि वो अपना पैसे कहा निवेश करें। जिससे उनका पैसा सुरक्षित रहे और आवश्यकता पड़ने पर वो अपना पैसा आसानी से प्राप्त कर पाए। 

जब पैसा निवेश करनी की बात आती है तो कई लोग तो निवेश के नाम से डरते है। 

जब कि जो लोग निवेश करते है वो हाई रिटर्न्स चाहते है बिना अपने द्वारा लगाए गए पैसे को खोये बिना।

यही कारण है कि काफी लोग ऐसे प्लान की खोज में रहते है जिसे वो अपने पैसे को कम समय मे दो गुना कर सके।

बरहाल जहां आपको हाई रिटर्न्स मिलता है वहां रिस्क भी होता है। वास्तव में हाई रिटर्न्स एवं रिस्क एक दूसरे के व्युत्क्रमानुपाती है।

पैसे कहा निवेश करें:

यहाँ कुछ टॉप निवेश है जिनमे लोग अपनी वित्तीय स्थिति के लिए अपना पैसा सेव करते है।

एनपीएस (NPS):

एन पी एस, यानी नेशनल पेंशन सिस्टम केंद्र सरकार द्वारा 1 जनवरी 2004 से चलाई जाने वाली रिटायरमेंट सेविंग योजना है, जिसको केंद्र सरकार के Pension Fund Regulatory and Development Authority (PFRDA) द्वारा उन सब लोगो के लिए अनिवार्य कर दिया जिनकी नियुक्ति जनवरी 2004 के बाद की थी।

प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लोगों के लिए भी इस योजना को साल 2009 के बाद खोल दिया गया।

अब सरकारी के साथ-साथ प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाला कोई भी कर्मचारी अपनी मर्जी से इस योजना में शामिल हो सकता है।

रिटायरमेंट के बाद कर्मचारी एनपीएस का एक हिस्सा निकाल सकते हैं। और बाकी रकम से रिटायरमेंट के बाद रेगुलर इनकम के लिए एनुइटी ले सकते हैं।

इस योजना में कोई भी भारतीय नागरिक जिसकी उम्र 18 से 60 साल के बीच हो एवम नो योर कस्टमर (केवाईसी) नियमों का पालन करके शामिल हो सकता है।

NPS खाता किसी भी बैंक की नजदीकी ब्रांच में खुलवाया जा सकता है.

  • जरूरी दस्तावेज
  • एड्रेस प्रूफ.
  • आइडेंटिटी प्रूफ.
  • बर्थ सर्टिफिकेट या दसवीं कक्षा का सर्टिफिकेट.

 Real Estate:

आप जिस मकान/ प्रॉपर्टी में रह रहे है यह निवेश नही माना जाएगा, लेकिन यदि आप इसके अलावा एक और प्रोपेर्टी ले लेते है, और इसको किराये पर दे देते है, तो यह आपका निवेश माना जाएगा।

आपकी प्रॉपर्टी की लोकेशन/ स्थान आपकी प्रॉपर्टी की कीमत, किराया निर्धारित करेगा जो साल दर साल बढ़ता जाएगा।

भारत का रियल एस्टेट मार्केट निवेश के लिए एशिया का सबसे पसंदीदा स्थान बन गया है।

वर्ष 2020 तक यह मार्केट 180 बिलियन डॉलर तक पहुँचने की संभावना है।

इस सेक्टर में विकास के लिए भारत सरकार भी कई कदम उठा रही है।

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत 100 स्मार्ट शहरों का विकास इसका सबसे अच्छा उदाहरण है।

रियल स्टेट में निवेश करने से आपके दो फायदे होंगे पहला तो प्रोपेर्टी की कीमत साल दर साल बढ़ेगी, और दूसरा प्रॉपर्टी को किराये पर देने से किराया भी आपको मिलेगा, बिना किसी रिस्क के। 

 PPF (पब्लिक प्रोविडेंट फण्ड):

आज के समय मे लोग बचत के साथ साथ  जोखिम मुक्त निवेश की ओर अग्रसर हो रहे है। जिसका आज सीधा सा उदाहरण PPF है असल में यह  पब्लिक प्रोविडेंट फण्ड होता है जो व्यक्ति की बचत के साथ साथ कर बचत भी करता है।

जैसा कि PPF 15 सालो के लिए किया जाता है तो इसका  रिटर्न्स भी बिना किसी जोखिम के हाई होता है, यह लोगो के लिए सेवा निवृति के समय धन प्राप्ति का एक साधन भी है।

कोई भी वयस्क व्यक्ति अपने नाम से या  किसी नाबालिग के नाम से खाता खोल सकता है।

खाते की अवधि 15 वर्ष की है जिसको अगले 5-5 वर्षो के लिए बढ़ाया भी जा सकता है, PPF खाते की कुछ ख़ासियत है जैसे  खाते द्वारा प्राप्त धनराशि पूरी तरह से कर मुक्त होती है।

 PPF खाते द्वारा ऋण भी मिल सकता है और PPF खाता धारी की मृत्यु होने पर खाता उसके नॉमिनी को ट्रांसफर कर दिया जाता है। 7 बर्ष होने के पश्चात खाते से आंशिक राशि भी निकाली जा सकती है।

PPF खाते में न्यूनतम 500 रुपए प्रतिवर्ष से लेकर अधिकतम एक लाख पचास हज़ार  प्रतिवर्ष की बचत की जा सकती है।

PPF की व्याज दर सरकार द्वारा समय समय पर निर्धारित की जाती है। जैसे कि 1968-69 जब यह योजना की शुरुआत की गई तब इसकी व्याज दर 4 प्रतिशत प्रतिवर्ष  के हिसाब से व्याज दर थी, फिर वर्ष1989-2000 के बीच व्याज दर 12 प्रतिशत प्रतिवर्ष थी और वर्तमान व्याज दर अगस्त 2019 से 7.9 प्रतिशत प्रतिवर्ष है।

 FD account:

Fixed Deposit, DICGC  (डिपाजिट इन्श्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन) के अंतर्गत आता है ,हम मासिक, तिमाही, अर्धवार्षिक एवं वार्षिक Fixed Deposit कर सकते है। क्योंकि यह उनके लिए एक सुरक्षित बचत एवं निवेश होता है जो किसी भी प्रकार का कोई जोखिम नहीं लेना चाहते, फिक्स्ड डिपाजिट को डिपाजिट भी कहा जाता है। क्योंकि यह एक निर्धारित समय के लिए निवेशित किया जाता है| 

कोई व्यक्ति जिसका किसी बैंक में बचत खाता है वो उसी बैंक में अपना फिक्स्ड डिपाजिट करवा सकता है।

लेकिन कई बैंक ऐसे नियम को नहीं मानती और उस  बैंक में बचत खाता हुए बिना भी फिक्स्ड डिपोसिट कर देती है।

फिक्स्ड डिपाजिट की न्यूनतम राशि अलग-अलग बैंको द्वारा अलग अलग होती है।

लेकिन अधिकतम राशि का कोई निर्धारण नहीं है| फिक्स्ड डिपाजिट की व्याज दर लगभग 7 प्रतिशत से लेकर 9.20 प्रतिशत प्रतिवर्ष होती है |

Insurance:

 बीमा एक व्यक्ति और कंपनी के बीच अनुबंध  होता है जो एक नीति द्वारा प्रस्तुत किया जाता है, जिसमें एक व्यक्ति या संस्था वित्तीय बीमा या बीमा कंपनी से नुकसान के खिलाफ पूर्ति प्राप्त करती है।

कंपनी बीमाधारकों के लिए भुगतान को और अधिक किफायती बनाने के लिए ग्राहकों के जोखिमों को नियंत्रित करती है।

बीमा के माध्यम से हम बित्तीय रूप से हुई हानि से बच सकते है, बीमा कई प्रकार से हमारा बचाव करता है।

उदाहरणतः  स्वास्थ्य, लाइफ , बिज़नेस , कार, मोटर साईकल, आदि।

अलग अलग बिजनेस में अलग अलग प्रकार का बीमा किया जाता है।

गोल्ड:

सोने का उपयोग केवल आभूषण में ही नही किया जाता बल्कि आज के समय मे इसका एक अच्छे निवेश के रूप में भी उपयोग किया जाता है क्योंकि यह हमारे बिपदा के समय मे एक सहायक के रूप में भी कार्य करता है।

इसलिए काफी लोग आर्थिक सुदृणता के लिए सोना खरीदना पसंद करते है क्योकि साल दर साल इसकी कीमत बढ़ती है एवं जोखिम भी न के बराबर होता है, सोने को हम मुख्य रूप से पेपर या फिजिकल तरीके से खरीदा सकते है।

फिजिकल तरीके का मतलब ज्वेलरी, सोने के सिक्के और सोने के बिस्कुट से है।

पेपर गोल्ड का मतलब गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेट फंड्स गोल्ड म्यूचुअल फंडों के जरिए भी सोने में निवेश किया जा सकता है।

इस तरह के कई गोल्ड म्यूचुअल फंड हैं जो अंतरराष्ट्रीय गोल्ड माइनिंग फर्मों के शेयरों में निवेश करते ।

फिजिकल गोल्ड को स्थानीय ज्वेलर्स से खरीदा जा सकता है. एवं आजकल तो इ -कॉमर्स कंपनियां भी सोने के सिक्के ऑनलाइन बेचती हैं।

इसकी लगभग बढ़ोतरी दर  8-10 प्रतिशत वार्षिक होती है, और इससे अधिक भी हो सकती है।

बचत खाता:

भारत मे बचत खाता लगभग हर व्यक्ति द्वारा उपयोग किये जाने वाला एक साधान है जिसके माध्यम से निम्म कोटि से लेकर उच्च कोटि तक के व्यक्ति इस साधन का इस्तेमाल करते है।

यह लोग अक्सर अपना पैसा बैंको में रखते है जिसे जब चाहे यह उपयोग करने के लिए निकाल सकते है।

बैंको में मिलने वाले व्याज की दर लगभग 3.5 से लेकर 4 प्रतिशत वार्षिक होती है।

आज सरकार द्वारा  जगह जगह एटीएम लगाए जा रहे है जिससे कि लोगो को अपना पैसा जमा करने एवं निकालने में कोई समस्या न हो।

आज के समय मे एक खाते से दूसरे खाते में पैसे ट्रांसफर करना आसान हो गया है।

आज के सरकारी और गैर सरकारी बैंक मौजूद है खाता खुलवाने के लिए।

SCSS (सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम):

सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम  भारत सरकार द्वारा 60 बर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों को दी जाने वाली योजना है।

यह योजना लगभग 5 वर्ष में mature होती है लेकिन 3 साल के लिए केवल एक बार इसको बढ़ता जा सकता है।

इसकी व्याज दर 8.6 प्रतिवर्ष है जो किसी भी बचत खाते से काफी ज्यादा है।

यह योजना सरकारी , गैर सरकारी एवं पोस्ट आफिस में उपलब्ध है।

आज के इस पोस्ट में हमने जाना कि अपना पैसे कहा निवेश करें।

दोस्तों आपको ये आर्टिकल कैसा लगा मुझे कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *