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Financial Regulatory Bodies in India

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Financial Regulatory Bodies in India:

भारत में financial system चलाने के लिए अलग-अलग bodies बनायीं गयी हैं जोकि हमारे financial system को अच्छी तरह से संचालित करता हैं |

तरहतरह के  क्षेत्र जैसे insurance sector, Banking sector, Money Market तथा को करने के लिए अलग-अलग bodies हैं जो किस तरह से हमारे financial system को चलाने में अपना सहयोग देती हैं उसे जानना अति आवश्यक हैं |

आइये इस आर्टिकल के द्वारा हम हमारे regulatory bodies के बारे में जानते हैं

  1. RBI (Reserve Bank of India)
  2. SEBI (Securities and Exchange Board of India)
  3. PFRDA (Pension fund Regulatory and Development Authority)
  4. IRDA (Insurance Regulatory and Development Authority)

 

RBI (Reserve bank of India):

 

  • Reserve Bank of India जिसे Central bank of Nation के नाम से जाना जाता हैं |RBI भारत का एक मौद्रिक (Monetary Institution) संस्था हैं |
  • Reserve Bank of India Act, 1934 के प्रावधान के अनुसार RBI की स्थापना 1935 में हुई थी|RBI पहले कोलकाता में स्थित था लेकिन 1937 में इसे मुंबई में स्थान्तरण किया गया था |
  • RBI की शुरुवात Share-Holder Bank के रूप में हुआ था जिसका paid-up capital 5cr. हैं|

RBI का कार्य 

RBI का नाम हमने और आपने सुना ही हैं लेकिन क्या आपको पता हैं की RBI Financial Market में किस प्रकार से काम करता हैं |इसके लिए आइये जानते हैं की RBI किस प्रकार से financial regular को चलाता हैं |

  • अच्छी quality के coin तथा Notes supply करना, नयी currency को लाना|
  • Note तथा coin के बदले gold तथा foreign securities को रखना |
  • Banking system का विकास करना |
  • Financial Institutions जैसे NABARD, IDBI स्थापित करना |
  • Scheduled Banks के account को maintain करना|
  • ATM’s के लिए fresh Notes supply करना भी RBI का काम हैं |
  • Data को collect तथा publication करना |
  • RBI का मुख्य कार्य हैं inflation control करना |
  • Monetary Policy, Fiscal Policy में भी नियंत्रण रखना भी RBI का ही कार्य हैं |

 

SEBI (Securities and Exchange Board of India):

 

SEBI की स्थापना 12 अप्रैल 1992 में Securities and Exchange Board of India Act, 1992 के तहत मुंबई महाराष्ट्र हुआ था |

SEBI का कार्य

  • SEBI का मुख्य कार्य stock market तथा securities market को नियंत्रण करना |
  • Stock-Broker, Sub Brokers, Share Transfer Agents, Merchant Bankers, Portfolio Managers तथा Investment Advisers को नियंत्रण करना भी का ही काम हैं |
  • Investor’s के दिलचस्पी को बरक़रार रखने के लिए SEBI, Mutual Fund तथा IPO’s को निदेश देता हैं |
  • Stock Market के धोखाधड़ी को रोकना भी SEBI का एक मुख्य काम हैं |

 

PFRDA(Pension Fund Regulatory and Development Authority):

 

PERDA एक Pension Authority हैं| इसकी स्थापना 2003 में हुई थी |PERDA Authority, chairperson तथा अन्य 5 members से मिलकर बना हुआ हैं

PERDA का कार्य

  • New Pension Schemes को नियंत्रण करना |
  • Pension funds को स्थापित, नियंत्रण तथा विकास करना|
  • Pension funds schemes के Books of Accounts को नियंत्रण करना |
  • साधारण जनता,मध्यवर्ती संस्थाओं तथा educate subscribers को पेंशन, retirement savings की शिक्षा प्रदान करना |

 

IRDA (Insurance Regulatory and Development Authority):

 

IRDA की स्थापना IRDA Act के अनुसार में 1999 हुई थी इसका headquarter Hyderabad में स्थित हैं|

IRDA का कार्य

  • IRDA का कार्य insurance sector के कार्य को नियंत्रित करना हैं |
  • Policy Holders के interest को सुरक्षित करना हैं |
  • Insurance company के investment funds को नियंत्रण करना |
  • बिमा कंपनी तथा मध्यस्त के बीच न्यायिक निर्णय देना |

 

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