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Essay

Climate Activist – ग्रेटा थंबर्ग का जीवन परिचय

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greta thunberg

दोस्तों आज हम आपको एक ऐसी लड़की के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने छोटी सी उम्र में एक ऐसा कदम उठाया जो शायद ही किसी ने सोचा होगा। आजकल के बच्चे जहां टीवी और मोबाइल से फुर्सत नहीं पाते हैं ऐसे में एक 15 साल की बच्ची ने लोगों को जलवायु संकट के बारे में समझाया है और इस पर सभी का ध्यान केंद्रित भी किया है।

इस लड़की ने Environment के प्रति लोगों को न सिर्फ जागरूक किया बल्कि दुनियाभर के Politicians को जलवायु परिवर्तन पर कार्य करने के लिए मजबूर भी किया। 

असल मे हम जिस लड़की की बात कर रहे हैं वो है ग्रेटा थंबर्ग। अब शायद आपको कुछ कुछ याद आ रहा हो क्योंकि ये नाम आपने Newspapers में कई बार पढ़ा होगा। आज हम आपको ग्रेटा के बारे में सब कुछ बताएंगे।

greta thunberg

ग्रेटा थंबर्ग हैं कौन, ग्रेटा कहां से है और इन्होंने ऐसा क्या किया है जिसकी वजह से इनकी चर्चा होती है? इन सारे सवालों के जवाब आपको हमारे इस लेख में मिल जाएंगे। आइये हम आपको ग्रेटा थंबर्ग के जीवन से थोड़ा परिचित करवाएं।

ग्रेटा थंबर्ग का जन्म;-

ग्रेटा थंबर्ग का जन्म 3 January, 2003 में हुआ था। ग्रेटा का जन्म स्टॉकहोम, स्वीडन में हुआ था। वो ईसाई धर्म की हैं। 

ग्रेटा थंबर्ग का परिवार;-

ग्रेटा थंबर्ग के पिता का नाम सवांटे थंबर्ग है और वो एक Actor हैं। ग्रेटा की माता का नाम मालाएना एर्नमर्ग है और वो एक Opera Singer हैं। ग्रेटा के दादाजी जिनका नाम ओलोफ थंबर्ग है वो एक Actor और निर्देशक दोनों थे। ग्रेटा दो बहनें हैं। उनकी बहन का नाम बीता एर्मान थंबर्ग है। 

ग्रेटा थंबर्ग का करियर;-

ग्रेटा थंबर्ग स्वीडिश पर्यावरण कार्यकर्ता हैं। ग्रेटा को शुरू से ही Environment में ज्यादा दिलचस्पी रही है। बचपन से ही ग्रेटा Environment से लगाव रखती हैं। 8 साल की छोटी सी उम्र में ग्रेटा ने Environment को होने वाले Harms के बारे में जान लिया था।

इस समय वो Class 3 में थी और उन्होंने Global Warming के बारे में सब कुछ जान लिया था कि किस तरह से ये हमारी पृथ्वी को Effect करता है। ग्रेटा ने इस बात को बहुत ज्यादा Deeply लिया। दिन रात बस उनके दिमाग मे यही दौड़ता रहता था। उन्होंने इसको इतनी गहराई से सोचा कि वो खुद परेशान हो गईं Depression का शिकार हो गईं। 

फिर ग्रेटा ने एक नई शुरुआत की और Environment को लेकर जो बदलाव वो चाहती थीं उन्होंने उस बदलाव को लाने का ठान ही लिया। उन्होंने पहली शुरुआत अपने घर परिवार से ही की। उनके माता पिता ने भी उनका साथ दिया।

ग्रेटा ने अपने Parents को मांसाहारी से सीधे शाकाहारी बना दिया। ग्रेटा ने ऐसा कदम इसलिए उठाया क्योंकि उनका मानना है कि एक Healthy Environment के लिए जानवर अहम हैं और Day by day इन्हीं की संख्या में कमी आती जा रही है जिसकी वज़ह से Environment को नुकसान हो रहा है।

ग्रेटा कहीं भी आने जाने के लिए साइकिल का ही इस्तेमाल करती हैं। उन्हें हवाई जहाज या कारें पसंद नहीं हैं क्योंकि इससे Environment को क्षति पहुंचती है। 

ग्रेटा का Friday कैंपेन;-

दोस्तों ग्रेटा ने सभी को जलवायु परिवर्तन के मुद्दे के प्रति जागरूक करने के लिए हर Friday को अपना स्कूल छोड़ा। स्कूल छोड़ने के बाद ग्रेटा स्वीडन संसद के बाहर विरोध प्रदर्शन करतीं थीं। ग्रेटा के इस कदम से धीरे धीरे एक मुहिम शुरू हुई।

सभी जगह #Fridayforfuture को प्रोत्साहित किया जाने लगा। देखते ही देखते ये मुहिम इतनी फैल गई कि और भी छात्र छात्राएं अपना अपना स्कूल छोड़ने लगे और आस पड़ोस में ग्रेटा की ही तरह विरोध प्रदर्शन करने लगे। फिर तो सबने मिलकर स्कूल बंदी का एक आंदोलन ही शुरू किया और इसका नाम रख दिया ‘Friday for Climate’, इसके बाद हर हफ्ते छात्र कहीं न कहीं विरोध प्रदर्शन करते।

 2019 में ग्रेटा समुद्री जहाज से America गईं और वहां उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की जलवायु कर्वाई शिखर सम्मेलन में Part लिया था। इसी के बाद से ग्रेटा को दुनियाभर में जाना जाने लगा। इस सम्मेलन में उन्होंने एक स्पीच दी थी और इस स्पीच से सभी लोग हिल गए थे। उन्होंने बिना डरे साफ शब्दों में सरकार से अपनी स्पीच में कहा था कि, ‘आपने मेरे बचपन को खराब करके रख दिया है, आपने मेरे सपनों को कुचल कर रख दिया है।’

ग्रेटा पहली ऐसी शख्स बन गई हैं जिनको सबसे कम उम्र में संयुक्त राष्ट्र में स्पीच दी है। 

ग्रेटा को मिले सम्मान;-

ग्रेटा को उनके काम के लिए राजनेताओं और प्रेस से समर्थन तो प्राप्त हुआ ही उसके साथ ही कई राजनेताओं ने उनकी कड़ी निंदा भी की है। ग्रेटा को कई सारे सम्मान भी दिए गए हैं। 2014 की फोर्ब्स मैगजीन में ग्रेटा को 100 सबसे प्रभावशाली महिलाओं में शामिल किया गया था।

टाइम पत्रिका ने ग्रेटा को 100 सबसे प्रभावी लोगों की सूची में शामिल किया तथा उन्हें साल का सबसे युवा टाइम व्यक्ति भी घोषित किया गया था। ग्रेटा को 2019 में ‘Right Livelihood Award’ से भी नवाजा गया था। इसके अलावा 2019 तथा 2020 में ग्रेटा को Nobel Prize के लिए भी Nominate किया गया है। 

 

सच में ग्रेटा ने वो कर दिखाया जिसके बारे में सभी सोचते रह जाते हैं।

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