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Blockchain क्या होता है?

Blockchain क्या होता है? हर इंसान बस जल्द से जल्द अमीर होना चाहता है। सबका यही सपना होता है कि सुबह जब उनकी नींद खुले तो वो फकीर से अमीर बन जाए। आजकल तो तमाम ऐसी Short tricks आ गई हैं, जिनको अपनाकर कोई भी पैसे कमा सकता है। वैसे भी आपके पास बस Talent होना चाहिए, बाकी पैसे कमाना कोई बड़ी बात नहीं है।

वैसे दोस्तों आप सभी ने Bitcoin के बारे में ज़रूर सुना होगा। आजकल तो हर जगह इसके ही चर्चे चल रहे हैं। हर कोई Bitcoin में Invest करना चाहता है। लगभग हर किसी के मन मे इसको लेकर एक उम्मीद जग गई है। आखिर उम्मीद मन में जगे भी क्यों न? आखिर दिन ब दिन इसकी कीमत बढ़ती ही जा रही है।

Bitcoin के बारे में आज लगभग हर कोई जानता है। लेकिन दोस्तों क्या आप जानते हैं कि इसके पीछे कौन सी Technology का इस्तेमाल होता है?

अगर आप नहीं जानते हैं और वाकई में आप जानना चाहते हैं कि इसके पीछे कौन सी Technology है तो ये Article आप सबके लिए लाभदायक साबित हो सकता है।

इसमें हम आपको Blockchain के बारे में बताएंगे। अब Bitcoin और Blockchain एक दूसरे से Connected ही हैं। ऐसे में आपको ये Article ज़रूर पढ़ना चाहिए।

Blockchain हमारी IT industry में एक बदलाव के तौर पर आया है। इसको आप एक Open source software की तरह से समझ सकते हैं।

जैसे सालों पहले Open source software के आने से Industry एकदम से बदल गई थी। ठीक वैसे ही IT industries में अब बड़ा Change आने वाला है।

भविष्य में ये एक बहुत बेहतर Medium होगा Information share करने का। ये सच मे काफी बेहतर होने वाला है क्योंकि इसकी कीमत काफी कम होगी और इसको Private और Open networks के बीच बहुत ज्यादा Easily implement भी किया जा सकता है।

वहीं दूसरी तरफ इसके आने से एक टेंशन भी पैदा हुई है। क्योंकि लोगों को लगता है कि इसके आने से आगे आने वाले समय मे Technology पूरी तरह से बदल जाएगी। खैर अब ये सब बातें अगर आपको जाननी है तो आपको आगे भी पढ़ना होगा। चलिए फिर जानते हैं Blockchain technology के बारे में।

क्या है Blockchain technology?

सबसे पहले आप सब जान लीजिए कि Blockchain है क्या। दोस्तों ये एक Digital ledger है। अब आप सब सोच रहे होंगे कि आखिर ये Ledger क्या होता है, है न? चलिए अब आपको हम Ledger के बारे में बता देते हैं। दोस्तों ये एक account book की तरह होता है। इसमें सारे Credit और Debit transactions post होते हैं, उस Book से जहां से Original entry होती है।

आसान भाषा में अगर समझें तो Ledger में Original book से Entry update होती है। ये एक Digitized, decentralized, public ledger होती है। हालंकि इसको बहुत धीमी गति आए अपनाया गया है, लेकिन धीरे धीरे इसकी गति तेज़ होने वाली है। ये सच मे काफी बेहतर होने वाला है और साथ ही ये दुनिया को पूरी तरह से बदल के रख देगा।

आइए इसको एक उदाहरण से समझते हैं। मान लीजिए कि आपके पास एक File है Transactions की। इसे आप Node का नाम दे दीजिए। ये File एक Ledger के रूप में आपके Computer में Save है। वहीं दूसरी तरफ वही समान File Government accountants जिन्हें आप Miners कहेंगे, उनके पास भी Save है। फिर जैसे ही आप कोई Transaction करेंगे, आपका Computer उन दोनों Accountant को Email कर देता है। ये Email उन्हें Inform करने के लिए किया जाता है। इसके बाद दोनों ही Accountant सबसे पहले ये Check करना चाहते हैं कि आप उसको Afford कर भी सकते हैं या नहीं, जो कि Bitcoin के तौर पर उनकी Salary के रूप में काम करेगा। इन दोनों Accountants में से जो पहले Check करता है और Validate करके Reply all कर देता है, वही इसके साथ वो अपनी Logic को भी Attach कर देता है उस Transaction को Verify करने के लिए और इसे ही “Proof of Work” कहा जाता है।

अगर इसी के बीच में दूसरा वाला Accountant भी Agree कर जाता है तो सभी लोग अपने File of transactions को Update कर लेते हैं। बस इसी पूरे Process को ‘Blockchain technology’ कहा जाता है।

ऊपर बताए गए उदाहरण से आप सब समझ ही सकते हैं कि ये जो होता है ये एक Incorruptible ledger of transactions होता है। इसको इस तरह से Design या Program किया जाता है कि इसमें आप Virtually सभी चीजों को Record कर सकते हैं।

Blockchain में जितनी भी List of records होती है, उन्हें Blocks कहा जाता है। ये एक Continuously growing list of records भी कहलाती है। ये एकदम Secured और Linked होती है।

Blockchain technology को किसने Invent किया है?

अभी तक आपने जाना कि Blockchain technology क्या होता है। चलिए अब जानते हैं कि इसको Invent किसने किया है। दोस्तों इसको 2008  में Satoshi Nakamoto के द्वारा किया गया था।

इसको बनाने के पीछे Main objective था एक Decentralized bitcoin ledger को बनाना। इससे कोई भी अपने पैसों को Control कर सकता है Third party से। इससे कोई भी Third party या Government आपके पैसों को Access नहीं कर सकती है।

Satoshi जिन्होंने इसको Develop किया है, वो अचानक से 2011 में कहीं गायब हो जाते हैं। जाने से पहले वो लोगों के लिए ये Open source software छोड़ जाते हैं। इसको उन्होंने इसलिए छोड़ा ताकि Bitcoin users इसका इस्तेमाल कर सकें और साथ के साथ इसमें Improvement भी करें। वहीं एक ओर बहुत लोग ऐसा भी मानते हैं कि Satoshi Nakamoto नाम का कोई व्यक्ति था ही नहीं।

हालांकि अगर बात करें Bitcoin की तो, Bitcoin के लिए Blockchain double spending problem को Solve करने वाला पहला Digital currency है।

ये बिना किसी Central server या फिर Central authority की मदद के ही काम करता है। यही कारण है कि ये बाकी सबसे काफी बेहतर है और दूसरे लोगों के लिए Inspiration भी बन रहा है।

Blockchain को जानने की Need क्यों है?

सभी के मन में ये सवाल सबसे पहले आता है कि आखिर हमें Blockchain के बारे में क्यों जानना चाहिए। इसके बारे में जानने की Need निम्न कारणों से है-

◆ जहां तक Finance की पहुंच होती है न, उससे भी कहीं आगे Blockchain की पहुंच है। इसको आप वहां कहीं भी इस्तेमाल कर सकते हैं, जहां पर Visibility और Traceability की ज़रूरत होती है।

Blockchain का इस्तेमाल Supply chain जो कि एक Notable case होता है, उसमें Leverage को Sign contracts और Manage करने के लिए किया जाता है।

◆ जब तक Public और Private blockchains एक ऐसे Ecosystem में जहां की Firms, suppliers और Customers एक साथ मिलकर Collaborate कर सकें, वो एक साथ Converge नहीं करते तब तक इसकी Exponential और Disruptive growth नहीं आ सकती है।

◆ इसकी मुख्य बात ये है कि इसको Publicly exist करने की कोई Need नहीं होती है। जहां पर Nodes बस एक Simple point होते हैं, ये वहां पर भी Exist करते हैं। मतलब ये है कि ये Privately भी Exist कर सकते हैं।

ये किसी भी Private network में एक Distributed ledger की तरह काम करता है।

Blockchain secure कितना है?

अगर बात Security की जाए तो ये काफी बेहतर है। अब भला Internet में आप किस चीज़ को पूरी तरह से Safe कह सकते हैं। ऐसे में अगर कुछ भी थोड़ा सा भी Secure है तो इसका मतलब है कि वो बेहतर है। हालांकि ये Blockchain unhackable है।

इसमें अगर आप कोई भी Transaction करते हैं तो इसको करने से पहले आपके Network के जितने भी Nodes होंगे, उन सभी को Agree होना पड़ेगा। जब सब Agree होंगे तभी आपका कोई भी Transaction valid माना जाएगा।

यहां पर आपको कोई भी Single entity system नहीं देखने को मिलेगा, जो ये कह सके कि Transaction हुआ है या नहीं।

इस Technology में Hacking करना कोई बच्चों का खेल नहीं है। Bank से भी मुश्किल है यहां की Hacking, यहां आपको किसी एक System को Hack नहीं करना होता है, बल्कि आपको पूरे के पूरे Network को ही Hack करना होता है।

Private और Public blockchains क्या हैं और इनमें क्या अंतर हैं?

इसके सिर्फ यही दो नहीं बल्कि बहुत सारे Variants होते हैं, लेकिन Public और Private इसके मुख्य Variants होते हैं। आइए एक एक करके जानते हैं इनके बारे के।

Public blockchains अवसर देते हैं किसी को भी Transactions send करने और उन्हें देखने के, जब तक वो किसी Consensus process का हिस्सा होते हैं। इस तरह के Blockchains को Consortium blockchain भी कहा जाता है क्योंकि इसमें उन्हीं Nodes को Ledger को इस्तेमाल करने के लिए Authorized किया जाता है जो कि Pre selected number के होते हैं।

Private blockchains में बहुत सारे Restrictions होते हैं। ये किसी भी Organization में Group of employees को Distributed ledger में लिखने में Restriction पैदा करता है। इसके अलावा भी बहुत सारे Restrictions हैं जो आपको इसमें देखने को मिलते हैं।

Blockchain technology के Advantages क्या-क्या हैं?

इसके जो Advantages हैं वो निम्न हैं-

◆ अगर आप Blockchain का इस्तेमाल करते हैं तो आपको Manipulation की समस्या नहीं आती है। ये Highest degree of accountability को स्तर में लाने का काम करता है।

◆ इससे आपकी Online जो Identity होती है और जो Reputation होती है, वो Decentralized होती है। इसकी वजह से आप अपने Data को खुद ही Own कर सकते हैं।

◆ इससे Devices का Communication आसान हो जाता है। इसकी मदद से हमारे Smart devices बहुत आसानी से एक दूसरे से Communicate कर सकते हैं।

◆ इसमें Fraud की स्तिथि नहीं पैदा होती है। ऐसा इसलिए क्योंकि इसमें अगर किसी भी Data को एक बार Enter कर दिया जाता है तो वो Immutable हो जाते हैं। इसके बाद आप उन्हें किसी भी तरह से बदल नहीं सकते हैं। 

◆ इसके जो Transactions होते हैं वो बहुत ही Simple और सीधे होते हैं, जिसकी वजह से उन्हें अगर Investigate या Audit करना हो तो आराम से किया जा सकता है।

◆ इसकी मदद से बहुत ही आसानी से Transfer of assets और Records का ध्यान रखा जा सकता है। इसी की वजह से इसमें Transaction की जो Speed होती है वो बढ़ जाती है।

◆ इसके इस्तेमाल करने से बहुत सारे Issues जैसे freedom, jurisdiction, censorship और regulation आदि को ठीक तरह से Address किया जा सकता है।

◆ इससे आप बिचौलियों से बच सकते हैं।  इसके साथ ही आपके Asset का Exchange इसमें बहुत ही आराम से हो जाता है।

Blockchain के क्या नुकसान हैं?

इसके फायदे तो आप सब ने देख ही लिए हैं। चलिए एक नज़र अब इससे होने वाले नुकसान पर भी डाल लेते हैं।

◆ Blockchain के लिए आपको High computing power चाहिए होती है और High computing power के लिए High electricity चाहिए। इसका ये मतलब हुआ कि अगर Electricity कम है तो ये काम नहीं करेगा।

◆ इसमें जो Private key होती है, उसको आपको हमेशा संभाल के रखना होगा क्योंकि अगर उसके बारे में किसी Third party को पता चल गया तो आपके जो भी Bitcoins होंगे उनका Control third party के हाथों के चला जाएगा।

◆ ये तो आप सभी जानते हैं कि Chain में Blocks को Verify कराना किसी भी Distributed network से बहुत ही जरुरी है Security के लिए और ऐसा करने में काफी समय लगता है। इसीलिए इसमें Transaction speed भी काफी दिक्कत करती है और Speed slow हो जाती है।

दोस्तों तो ये थी Blockchain से जुड़ी सारी जानकारी। अब तो आप सब समझ ही गए होंगे कि Blockchain होता क्या है। इसके साथ ही आप सब ये भी समझ गए होंगे कि आगे आने वाले समय में इसके क्या क्या Advantages आपको देखने को मिल सकते हैं।

ये वाकई में काफी Secure है। इससे आपका Data और Information Secure रहते हैं। उन्हें कौन Access कर सकता है और कौन Access नहीं कर सकता है, ये सब भी आप ही के हाथ मे होता है।

इसको Hack करना भी आसान नहीं है। यही कारण है कि इसकी मांग बढ़ती जा रही है और आने वाले समय मे ये IT industry में एक Boon की तरह काम करेगा।


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